जय-जय उत्तराखण्ड - श्रीमती उषा गौड़ जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद-देहरादून से शिक्षिका बहिन श्रीमती उषा गौड़ जी द्वारा रचित कविता-

🙏✍️जय-जय उत्तराखण्ड  


     

जय- जय- जय उत्तराखण्ड, 

सत्ताईसवांँ  राज्य भारत का। 

स्थापना हुई इसकी, 

नौ नवम्बर सन दो हज़ार को।। 


जिले तेरह इसमें,

मण्डल इसमें दो हैं।

तहसील एक सौ दस हैं,

विकास खण्ड पिचानबे हैं।।



उप तहसील अठारह हैं,

नगरपालिका तैतालीस हैं।

जय-जय-जय उत्तराखण्ड, 

27 वांँ राज्य भारत का।। 



उत्तर में चीन तिब्बत, 

पूरब नेपाल देश है।

दक्षिण उत्तर प्रदेश, 

पश्चिम में हिमाचल है।।


नदियाँ बहाती इसकी,  

अमृत की धारा है।

जय-जय-जय उत्तराखण्ड, 

27 वांँ राज्य भारत का।। 


देवों की भूमि यह, 

देवों का निवास है।

बद्रीनाथ में नारायण है,

केदार शिव का वास है।।


गंगोत्री में गंगा माँ, 

यमनोत्री में यमुना माँ।

जय-जय-जय उत्तराखण्ड, 

27 वांँ राज्य भारत का।। 


उत्तर में हिमालय है, 

मुनियों की तपोभूमि है।

जय-जय-जय उत्तराखण्ड, 

27 वांँ राज्य भारत का।। 


गंगा-यमुना नदियांँ,

बहती अविरल धारा।

अलकनन्दा मन्दाकिनी, 

अमृत की है धारा।। 


जय-जय-जय उत्तराखण्ड। 

27 वांँ राज्य भारत का।। 


 स्वर्ग है भारत का यह, 

जलवायु  सुहानी है।

आके सैलानी यहांँ,

 शोभा  को बढ़ाते हैं।।


धन्य है ये उत्तराखण्ड, 

धन्य यह भूमि है।

जय-जय-जय उत्तराखण्ड, 

27 वांँ राज्य भारत का।। 


  🙏 रचना-:

  उषा गौड (स०अ०) 

  रा० उ० प्रा० वि० डोईवाला

 ब्लॉक- डोईवाला

जनपद - देहरादून (उत्तराखण्ड)




🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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