गुरु गोविन्द सिंह - डाॅ० आभा भैंसोड़ा जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद-नैनीताल से शिक्षिका डाॅ०आभा भैंसोड़ा जी द्वारा रचित कविता-
🙏✍️गुरु गोविन्द सिंह
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दसवें गुरु गोविन्द सिंह जी,
तेग बहादुर पिता, माँ गुजरी देवी।
आदि श्री गुरु ग्रन्थ साहिब को,
पूर्णता थी उनके पास मिली।।
खालसा पन्थ के थे संस्थापक,
गुरुवाणी का था विशेष प्रभाव।
काव्य, लेखन, दर्शन , साहित्य,
सभी विधाओं में अव्वल व्यक्तित्व।।
पौष मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी,
सिक्ख समाज गुरु पर्व रुप में मनी।
गाँव, शहर में गुरुवाणी गाते चलते,
सेवा भाव से लंगर भी परोसे जाते।।
सिक्ख ही नहीं सभी समाज में पूजे जाते,
श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ भाव वो बताते।
सेवाभाव सिक्ख समाज की मिसाल है,
गुरू ज्ञान उनका तो बेमिसाल है।।
🙏 रचना :-
डॉ० आभा सिंह भैसोड़ा (स०अ०)
रा० प्रा० वि०- देवलचौड़
ब्लाॅक - हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
बहुत सुन्दर
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