लता मंगेशकर जी - श्रीमती सावित्री आर्य

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  प्रस्तुत है, आज जनपद- नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती सावित्री आर्य जी द्वारा रचित कविता-


‌‌    🙏✍️लता मंगेशकर जी 


28 सितम्बर 1929 का‌ दिन,

भारत के लिए महान है।

इस दिन जन्मी स्वरों की देवी,

लता मंगेशकर नाम है।।


माँ का नाम शेवन्ती,

पिता का दीनानाथ है।

बहिनें आशा, मीना और ऊषा,

भाई हृदय नाथ है।।



गले में माँ सरस्वती का बसेरा,

सुरों का जिनमें होता डेरा।

ऐसी सुरों की रानी का  

सारा संसार है चहेता।।


मिले कई सम्मान और इनाम,

फिल्म फेयर और पद्य भूषण।

भारत रत्न बना आखिरकार,

इनके व्यक्तित्व का आभूषण।।


सरल, सौम्य स्वभाव की धात्री,

राष्ट्र की आवाज और स्वर साम्राज्ञी।

दिया संगीत को नया आयाम,

सदियों तक अमर रहेगा नाम।।


6 फरवरी 2022 को कह दिया,

दुनिया को अलविदा।

जब तक रहेगी सृष्टि तब तक,

अमर रहेगी "लता"।।


🙏 रचना-:

सावित्री आर्य (प्र०अ०)

रा० क० उ० प्रा० वि० ‌छीड़ा गांजा

वि०ख०- भीमताल, नैनीताल


🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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