फूलदेई बाल पर्व - श्रीमती रेखा पुरोहित
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में फूलदेई त्योहार पावन पर्व के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है, आज जनपद-रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती रेखा पुरोहित जी द्वारा रचित कविता-
*बाल पर्व फूलदेई*
फूलदेई का त्योहार आया,
बच्चों में उल्लास लाया।
भाँति-भाँति के फूलों ने,
सबके ही मन को हर्षाया।।
फ्योंली से पीली प्रकृति,
लाल-लाल जंगल बुरांँश के।
छोटी-छोटी टोकरियाँ ले,
बच्चे फूल इनमें चुनते।।
नन्हें मुन्नों की भाग दौड़ ने,
घर आंँगन सबके महकाए।।
हर घर और हर द्वार पर,
रंग-बिरंगे फूल सजाए।।
रंग-बिरंगे फूलों से,
सज गई है घर की देहरी।
घोगा की डोली लेकर,
बच्चे निकाल रहे हैं फेरी।।
गुणगान प्रकृति का करता,
बच्चों को समर्पित ये त्योहार।
आओ करें दोनों की रक्षा,
दोनों ही जीवन–आधार।।
🙏 रचना-
रेखा पुरोहित (स०अ०)
रा० प्रा० वि० सौंराखाल
जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
बढ़िया कविता..
जवाब देंहटाएंफूलदेई (फूलसंगरांद) की बहुत-बहुत शुभकामनाएं...
Nice eeeeeeeeee
जवाब देंहटाएंसुन्दर रचना
जवाब देंहटाएं