भारत रत्न डाॅ० भीमराव अम्बेडकर - श्रीमती सावित्री आर्य

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में डाॅ० भीमराव अम्बेडकर जी की पावन जयन्ती  के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है, आज जनपद- नैनीताल से से शिक्षिका बहिन श्रीमती सावित्री आर्य जी द्वारा रचित कविता-:


भारत रत्न डाॅ० अम्बेडकर


14 अप्रैल 1891 को जन्मा, 

एक भारतीय बहुज्ञ।

विधिवेत्ता, समाज सुधारक, 

अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ।। 


भीमाबाई नाम माता का, 

पिता थे इनके राम जी, 

भीम नाम का बालक इनका

कर गया अनेक काम जी।।



कोलम्बिया, लन्दन यूनिवर्सिटी से,

अर्थशास्त्र में डिग्री पायी।

विधि, राजनीति और वकालत में,

धाक अपनी खूब जमायी।।



स्वतन्त्र भारत के थे ये, 

न्याय व कानून मंत्री पहले।

इनका नहीं  कोई ‌सानी,

संविधान के जनक ये कहलाये।। 



पुरस्कार भारत रत्न, 32 उपाधियों,

और नौ भाषाओं के थे ज्ञानी।

’डाॅक्टर ऑफ साइंस’ पाने वाले,

बने ये पहले हिन्दुस्तानी।।



भेदभाव और छुआछूत का, 

किया सामना जिसनेे।

फिर भी न हिम्मत हारा वो 

जग को नई दिशा दिखाई उसने ।।


उसी महामानव की जयन्ती,

मना रहे हम सब आज।

बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर है,

उस महान व्यक्तित्व का नाम।।


6 दिसम्बर 1956 को 

अस्त हुआ यह सूर्य,

किन्तु जग‌ को‌ दिखा गया 

ज्ञान का मार्ग भरपूर।।


🙏 रचना-:

सावित्री आर्य (प्र०अ०)

रा० क० उ० प्रा० वि० छीड़ागांजा

वि० ख० - भीमताल, नैनीताल


🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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