वट सावित्री व्रत-डाॅ० आभा भैंसोड़ा जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में वट सावित्री व्रत के सुअवसर पर प्रस्तुत है, आज जनपद- नैनीताल से शिक्षिका बहिन डाॅ०आभा भैंसोड़ा जी द्वारा रचित कविता-:


वट सावित्री व्रत


वट सावित्री व्रत लो जान,

पति हेतु इच्छा आयुष्मान।

सौभाग्य हेतु, सावित्री ने व्रत लिया,

पति सत्यवान को चिरंजीवी किया।।


विष्णु संग लक्ष्मी की पूजा,

संग पूजे बरगद को दूजा।

पाने को सौभाग्य महान,

वट सावित्री व्रत लो जान।।

 


सुख समृद्धि ,अखण्ड सौभाग्य,

वट पूजन विघ्न हरे दुर्भाग्य।

पतिव्रत धर्म श्रेष्ठ कहे सीता,

वेद, गायत्री, सावित्री माता।।


सबकी पहुंँच में ये व्रत महान,

जो भी चाहे कुटुम्ब सुख दान।

त्रिदेव वास कारण, श्रेष्ठ बरगद,

मन से जो व्रत ले, होवे बरकत।।


अधिकतम प्राण वायु का दाता,

बरगद भाग्य संग जीव विधाता।

पर्यावरण की होवे, अधिकतम रक्षा,

रक्षित धर्म, समाज संग पूर्ण इच्छा।।


🙏 रचना :-

डॉ० आभा सिंह भैसोड़ा (स०अ०)

रा० प्रा० वि०- देवलचौड़

ब्लाॅक - हल्द्वानी, नैनीताल


🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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