पर्यावरण बचाना होगा - श्रीमती गंगा आर्या जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में पर्यावरण दिवस के सुअवसर पर प्रस्तुत है, आज जनपद- पिथौरागढ़ से शिक्षिका बहिन श्रीमती गंगा आर्या जी द्वारा रचित कविता-:


*पर्यावरण बचाना होगा*

🌎🦚🌲🌧️🦌🌍


आओ पर्यावरण दिवस मनायें,

हम सब मिलकर वृक्ष लगायें।

धरती को हरा-भरा बनायें, 

प्रदूषण रोक धरती को बचायें।।


धरा पर अधिक वृक्ष लगाकर,

धरती माँ का आँचल भर दो।

दागदार चुनरी धानी कर दो,

वृक्षों से धरा को हरा-भरा कर दो।।


आज प्रण यह लेना होगा,

पर्यावरण को न पहुँचायेंगे नुकसान।

ग्लोबल वार्मिंग से खतरे में है जान,

पर्यावरण संरक्षण में ही हमारी शान।



वृक्ष धरा के हैं आभूषण,

करें सदा इनका संरक्षण।

नहीं करेंगे हम यदि इसका मान,

तो, यह होगा जीवन का अपमान।।


इन्हीं से धरा सजती-संँवरती,

मुस्काती और खुश होती है।

बदले में शुद्ध प्राणवायु ये,

मुफ्त में हमको देती है।।



समय आ गया संकल्प करें हम,

धरती को स्वर्ग बनायें हम।

आओ! पर्यावरण दिवस मनायें, 

हम सब मिलकर वृक्ष लगायें।।


🙏 रचना -:

गंगा आर्या (प्र०अ०)

रा० प्रा० वि० भट्टीगांव

वि० ख० बेरीनाग

जनपद -पिथौरागढ़



🙏संकलन :- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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