प्यारा तिरंगा- श्रीमती सन्नू नेगी जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आजादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद- चमोली से शिक्षिका बहन श्रीमती सन्नू नेगी जी द्वारा रचित कविता-:
*प्यारा तिरंगा*
तीन रंगों से बना हुआ यह,
केसरिया, सफेद और हरा।
नीले रंग का चक्र घूमता,
चौबीसों पल देता पहरा।।
मन को मेरे ये लुभाता,
जन गण मन नित गाता।
आसमान पर यूँ लहराता,
जन-जन के उर को भाता।।
केसरिया रंग हमको समझाए,
मातृभूमि पर बलि जाओ।
आँख उठा कर देखे जो,
सर कलम उसका कर जाओ।।
श्वेत रंग की शालीनता,
कहती शान्ति भाव फैलाओ।
आपस में सब भाई-चारा,
प्रेम-सद्भाव सदा बनाओ।।
हरे रंग की बात निराली,
गाँव शहर में हो हरियाली।
धन-धान्य से परिपूर्ण रहें,
घर-घर में हो खुशहाली।।
नील-रंग का चक्र घूमता,
प्रगति पथ आगे बढ़ कहता।
कर्तव्यों से मुँह न मोड़ना,
तिरंगे को नित है चूमता।।
तिरंगा हमारी आन है,
तिरंगा हमारी शान है।
कभी नहीं ये झुकने पाये
तिरंगा हमारी जान है।।
शहीदों के लहू से लिखी,
इस पर शौर्य की गाथा है।
आजादी की याद दिलाता,
ये हर वीर का माथा है।।
🙏रचना :-
सन्नू नेगी (स०अ०)
रा० क० उ० प्रा० वि० सिदोली
वि० ख०- कर्णप्रयाग, चमोली
उत्तराखण्ड
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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