आजादी - श्रीमती पुष्पा तिवारी जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आजादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद- चम्पावत से शिक्षिका बहन श्रीमती पुष्पा तिवारी जी द्वारा रचित कविता-:
🇮🇳आजादी
आजादी कम ना हो,
यह हम सब का संकल्प हो।
देश में तिरंगा यूँ ही लहराता रहे,
घर-घर तिरंगे का दीप जलता रहे।।
प्रेम और भाईचारे की अलख,
देश में सदा ही जगमगाती रहे।
जिस तरह तिरंगा लहरा रहा,
विचारों में भी तिरंगा लहराता रहे।।
कभी कम ना हो तिरंगे की शान ,
कभी कम ना हो देश का मान।
कभी कम ना हो नारी की शान,
कभी कम ना हो देश की आन।।
विचारों से ही तो बनता है,
कर्मों से ही बनता है।
संस्कारों से ही बनता है,
दृढ़ संकल्प से यह संसार।।
ऐसा ना हो जैसे रूस और यूक्रेन,
ऐसा करने से क्या मिला!
दोनों जगह नरसंहार हुआ ,
प्रकृति का सौंदर्य नष्ट किया।।
मिला दिया सब मिट्टी में,
हुआ चारों ओर हाहाकार।
होता न ये नरसंहार,
जो होते अच्छे संस्कार।।
*
सोचा था करना विस्तार,
सपने तो सपने ही रह गये।
पर लोगों के सपनों को,
मिटाने का काम कर गये।।
🙏रचना:-
पुष्पा तिवारी (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० आरबाग
टनकपुर, चम्पावत
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड



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