महात्मा गांँधी- श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर प्रस्तुत है आज जनपद-रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहन श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल जी द्वारा रचित कविता -:
🙏महात्मा गाँधी
2 अक्टूबर को पोरबन्दर में जन्म लिया,
सम्पूर्ण भारत धरा को धन्य किया।
साधारण सी थी भेषभूषा आपकी,
बस कभी भी आपने अभिमान नहीं किया।।
खादी को धारण कर सदैव बापू जी ने,
सादा जीवन और उच्च विचार जिया।
सत्य, अहिंसा के मार्ग पर ही चलकर,
भारत का सपना साकार किया।।
बिना हथियार अंग्रेजों से की लड़ाई,
फिर भी हार गये अंग्रेजी शैतान।
हर भारतवासी तुम्हें याद है करता,
और सौ बार करता तुम्हें प्रणाम।।
हर मुसीबत को आपने झेला था,
अंग्रेजी हुकूमत को खदेड़ा था।
जीवन की सच्ची राह अपनाकर,
हर एक के दिलों को जगाया था।।
🙏रचना-:
देवेश्वरी सेमवाल (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० कान्दी
ब्लॉक- अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड


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