डाॅ० कलाम तुम्हें सलाम - माधव सिंह नेगी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में डॉ अब्दुल कलाम जी की पावन जयन्ती पर प्रस्तुत है एक कविता-:
डाॅ० कलाम तुम्हें सलाम
डाॅ० कलाम तुम्हें सलाम!
डॉ० कलाम तुम्हें सादर प्रणाम।।
15 अक्टूबर 1931 को,
मछुवारे पिता के घर जन्म लिया।
तमिलनाडु के प्राथमिक विद्यालय में,
अक्षर ज्ञान प्रारम्भ किया।।
बड़ी गरीबी में पले बढ़े पर,
डिगने न दिया ईमान कभी।
जाति धर्म से ऊपर उठकर,
देश प्रेम के पाठ पढ़े सभी।।
पढ़ लिख कर के आगे बढ़े तुम,
मन में रख गुरू प्रेरणा व शिक्षा।
पढ़ने और पढ़कर आगे बढ़ने की,
उत्कण्ठा बनी फिर तीव्र इच्छा।।
सागर तीरे पक्षियों की उड़ान देख,
पाला सपना व्योम में विचरण का।
अंतरिक्ष विज्ञान को तुमने चुनकर,
भारत को आकाश में पहुंँचा दिया।।
कष्ट अभावों में हिम्मत न हारी,
हार न कभी जीवन में मानी।
बहुत ही अद्भुत है तुम्हारे,
परिश्रम की ये अमर कहानी।।
1974 व 98 में पोखरण परीक्षण कर,
माँ भारती को शक्तिशाली बना दिया।
भारत विश्व गुरू था, विश्वगुरु है,
और रहेगा ये पूरे विश्व को बता दिया।।
उपग्रह दर उपग्रह प्रक्षेपित,
अन्तरिक्ष में तुमने किए जब।
दुनिया ने प्रेम से दिया तुम्हें,
मिसाइल मैन नाम तब।।
हर्षित अरु गर्वित होकर,
पच्चीस जुलाई सन 2002 को।
भारत के जनमानस ने फिर,
राष्ट्राध्यक्ष बना दिया तुमको।
ख्याति दर ख्याति मिलती रही,
देश-विदेश में ताज पहना।
वर्ष सत्तानब्बे में देश ने तुम्हें,
भारत रत्न से अलंकृत किया।।
आखिर में यूनाइटेड किंगडम भी,
तुमको सम्मान देकर गर्वित हुआ।
सौम्य, सरल व्यक्तित्व के धनी,
विश्व तुमको पाकर हर्षित हुआ।।
तुम भारत माता के लाल थे,
मानव बड़े कमाल थे।
सच्चे अर्थों में राष्ट्रभक्त थे,
और राष्ट्र के प्यारे लाल थे।।
बड़ी अद्भुत है बड़ी सरल है,
मिसाइल मैन की अमर कहानी।
तुम कालजयी वैज्ञानिक थे,
इक साधक थे परम विज्ञानी।।
भारत को विश्व पटल पर,
तुमने एक पहचान दिलाई।
बच्चों को नित नये विचार देकर,
तुमने की यह बड़ी भलाई।।
27 जुलाई सन् 2015 का,
वह काला दिन था आया।
भारत माता का यह नक्षत्र,
सदा के लिए बिछुड़ गया।।
उर की अन्तस गहराइयों से,
माधव तुम्हें कर रहा सलाम।
देकर श्रद्धा सुमन सजल नयनों से,
हे कलाम! तुम्हें कर रहा प्रणाम।
हे कलाम! तुम्हें कर रहा प्रणाम।।
रचना-:
माधव सिंह नेगी, (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० जैली,
वि० ख०-जखौली,
जनपद-रुद्रप्रयाग,
उत्तराखण्ड।
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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