शरद पूर्णिमा-डाॅ० आभा सिंह भैंसोडा़
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में शरद पूर्णिमा पावन पर्व पर प्रस्तुत है आज जनपद-नैनीताल से शिक्षिका बहन डाॅ० आभा सिंह भैंसोडा़ जी द्वारा
रचित कविता -:
🙏📝🌕शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा की है आज रात,
जानें, क्या इसकी बात है खास।
कोजागरी, कमला और रास,
इस पूर्णिमा के ये नाम हैं खास।।
चन्द्रोदय का महत्व इस दिन विशेष,
सोलह कलाओं का धारण करता वेश।
अमृत, पूर्ण, शासनी, ध्रुति, ज्योत्सना, मनदा,
चन्द्रिका, पुष्टि, तुष्टि, पूर्णामृत, प्रीति, अंगदा।।
पुष्प, ज्योतिश्री, कान्ति से चन्दा पोषित,
श्रेष्ठतम सौन्दर्य को मानो करता घोषित।
लक्ष्मी जन्मदिवस भी आज माना जाता,
लक्ष्मी का धरती पर विचरण सबको भाता।।
चन्द्र किरणों से, अमृत वर्षा होती है,
रात्रि में जब सारी जनता सोती है।
खीर को बाहर चन्द्रमा के नीचे रखते,
अमृतमयी खीर से सब रोग हैं छॅंटते।।
🙏रचना - :
डॉ० आभा सिंह भैसोड़ा (स०अ०)
रा० प्रा० वि०- देवलचौड़
ब्लाॅक - हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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