पुलवामा हमला- श्रीमती बसन्ती शाह
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है आज जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहन श्रीमती बसन्ती शाह जी द्वारा रचित कविता:-
🙏📝14 फरवरी पुलवामा हमला
14 फरवरी का दिन था वो,
पुलवामा पर हमला हुआ था।
कई सैनिक शहीद हो गये,
भारतीयों के लिए काला दिन था।।
दुश्मनों ने कश्मीर में,
न जाने कितने खेल खेले थे।
हमको दुख देने वाले,
उनके खुशियों के मेले थे।।
उसी वाहन को टक्कर दी जिसमें,
सी आर एफ के जवानों की टोली थी।
बन्दूकों से भी गोली बरसी,
जिसमें जयहिन्द की बोली थी।।
पुलवामा हमले को हम,
कभी भूल नहीं पायेंगे।
भारतीयों के लिए ये काला दिन,
उस दिन हम खुशी नहीं मनाएंँगे।।
शहीद हुए जवानों को हम,
शत्-शत् नमन करते हैं।
याद उनको करके हम,
श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं।।
🙏रचना-:
बसन्ती शाह (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० कुमड़ी
ब्लाॅक- जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड
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