सड़क सुरक्षा गीत - श्री अश्विनी गौड़ जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है सड़क सुरक्षा पर आधारित जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षक साथी श्री अश्विनी गौड़ जी द्वारा रचित गढ़वाली गीत :-
📝🚵♂️'सड़क सुरक्षा पर गीत'
सड़क मा चलण से पैलि,
कुछ ध्यान रखण जरूर जी।
नशा नींद अर तेज रफ्तार से,
रौण कखि दूर जी।।
ओवर स्पीड नि रखण,
गाडी रखण कंट्रोल मा।
गाड़ी कु स्टेंरिग यकरोड्या,
घुमोण नी कबि गोळ मा।।
जीवन च वरदान प्रभु कु,
जीवन सैंक समाळा जी।
वाहन गाड़ी मशीन यंत्र छिन,
गाड़ी देखी चलौण जी।।
जिंदगी अनमोल च भारी,
सेकंडों नि गंवोण जी।।
सडक च खाली माना दूर तक,
फिर भी क्वे ए सकदू जी।
अफु त बचण पर हैकु बचौणे,
भारी जिम्मेदारी च जी।।
कलह कलेश अर गुस्सा रोष मा,
गाड़ी कबि नी भगौण जी।
गाड्यू जाम लगी लंगट्येर,
अग्वड़ि सुदि बि नी क्वचौण जी।।
जिंदगी अनमोल च भारी,
सेकंडों नि गंवोण जी।
देर अबेर भले ह्वे जाली,
धैर्य मा गाड़ी चलौण जी।।
अचणक चलदा-चलदि कबि भी,
झप्प ब्रेक नि लांण जी।
इंडीकेटर दीक सबसे पैलि,
पैथर सनकांण जी।।
सबसे जरूरी बात च या,
पैलि नियम पढ़ा यातायात का।
ट्रैफिक डयूटी खड़ा ह्वयां जु,
हमारी खातिर दिन रात का।।
कागज पत्री पूरी राखा,
गाड़ी का कागज साथ मा।
बेमतलब कबि सुदि नाअलझ्यां,
छोटी मोटी झगड़े बात मा।।
गाड़ी चलौंदि दौ सीट बेल्ट हो,
मुबैल कनूण नी लांण जी।
नजर ध्यान एकाग्र हो,
ध्यान कतै नी भटकांण जी।।
घौर मा अपणा जग्वाळ लग्या,
इथे-उथै चौघड़ी ह्येन्ना।
सुखि-संपन्न जुगराजी पौछण,
घर मा जैक कुटुम्बदरि भेंटण।।
चढै़ पर चढ़दि गाड़ी मिली त,
झटपट सैड दी द्योण जी।
भारी वाहन या एंबुलेंस हो,
तेतै द्योण पैलि चांस जी।।
थोडा़ सहज सरल बणीं हम,
घटना छोटी बड़ी टाळी सकदा।
मनखी जीवों पर कबि लगू ना,
ध्यान इथ्या त रखी सकदा।।
जीवन च वरदान प्रभु कु,
जीवन सैंक समाळा जी।
खड़ी उकाळ या निस उंद्यार,
गियर देखी क डाळा जी।।
गाडी चलौंदि दौ सीट बेल्ट हो,
मुबैल कनूण नि लांण जी।
नजर ध्यान एकाग्र रखण,
ध्यान कतै नि भटकांण जी।।
🙏रचना
अश्विनी गौड़ (स०अ०, विज्ञान)
रा० उ० मा० वि० पालाकुराली
वि० ख०- जखोली, रुद्रप्रयाग
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🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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