हरियाली का त्योहार हरेला - श्रीमती उषा सागर
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में हरेला पावन पर्व पर प्रस्तुत है आज जनपद- पौड़ी गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती उषा सागर जी द्वारा रचित कविता:-
🙏🌳🦚हरियाली का त्योहार हरेला
उत्तराखण्ड का पावन हरेला,
त्योहार है हरियाली का।
मास पवित्र सावन हैआया,
मौसम त्योहारों की खुशहाली का।।
नये-नये वृक्ष लगाकर,
धरती को खूब सजायें।
ऑक्सीजन का स्रोत बढ़ाकर,
पर्यावरण को शुद्ध बनायें।।
घर, विद्यालय, जंगल, राहें,
सभी जगहों पर वृक्ष लगायें।
कर श्रृंगार धरती का हम,
आपदाओं से इसे बचायें।।
यूंँ तो हरेला वर्ष में,
तीन बार मनाया जाता है।
चैत्र, श्रावण, आश्विन में,
हर साल यह त्योहार आता है।।
सबसे महत्वपूर्ण हरेला,
सावन का माना जाता है।
पवित्र सावन मास में ही,
शिव पार्वती को पूजा जाता है।।
हरियाली तीज, रक्षा बन्धन,
हर्षोल्लास से मनाई जाती है।
बहिन, बेटियाँ इन त्योहारों में,
पीहर अपने आती हैं।।
देकर उनको उपहार सगुन में,
सदा सत्कार किया जाता है।
उत्तराखण्ड का पावन हरेला,
हर साल मनाया जाता है।।
🙏रचना-:
उषा सागर (स०अ०)
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुनियाल,
विकास खण्ड - जयहरीखाल, पौड़ी गढ़वाल
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड


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