शुभ मंगलम् - श्रीमती सरोज डिमरी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आँग्ल नव वर्ष के शुभागमन पर प्रस्तुत है आज जनपद- चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती सरोज डिमरी जी द्वारा रचित कविता:-
🙏🏻🕉️📝शुभ मंगलम्
नव जनवरी के आगमन को,
उत्सुक खुशियों की मस्ती में।
हर चेहरे पर रौनक है,
धूम मची है बस्ती में।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
इस ठण्डी बहार में,
31 दिसम्बर की रात में।
जबरदस्त जश्न मना कर,
नए वर्ष के उल्लास में।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
खुशी भरे लम्हों पर,
रौनक है चेहरे पर।
बीते हुए दिनों को,
जाते हुए पलों को।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
आंँखों की शोभा न्यारी को,
उल्लास पर्व और त्योहार को।
मदमस्त रंगों की होली मिले,
आस्था की महाशिवरात्रि को।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
दफ्तरों के कामकाज,
नौकरी-पैसा-घर-बार।
खेती किसानी या दरबार,
ढेर सारी शुभकामना।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
खिलते हुए सुमन पर,
नई-नई इमारतों पर।
कर्मरत मेहनत को,
हर कामगार को।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
आबाल-वृद्ध को,
आत्मा की शुद्धि को,
प्यार से मिलें सभी।।
नववर्ष की शुभकामना।
नए वर्ष की शुभकामना।।
हर देशवासी को,
शिक्षा के प्रेमी को।
नव चेतना और जागृति को,
मानवता के कल्याण को।।
आप, हम सभी को,
हार्दिक शुभकामना।
हार्दिक शुभकामना,
नव वर्ष की शुभकामना।।
🙏 रचना-:
सरोज डिमरी (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० घतोड़ा
वि०ख०- कर्णप्रयाग, चमोली
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

हार्दिक शुभकामना धन्यवाद मिशन शिक्षण संवाद परिवार💐🙏🙏
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