अवध में राम आये हैं- सोमपाल सिंह प्रजापति "सोम"
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में श्रीराम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पावन पर्व के सुअवसर पर प्रस्तुत है आज जनपद- नैनीताल से शिक्षक साथी श्री सोमपाल सिंह जी द्वारा रचित कविता:-
🙏🏻🕉️📝अवध में मेरे राम आये हैं
सारी दुनिया में बाजे शहनाई,
अवध में मेरे राम आये हैं।
अवध में मेरे राम आये हैं,
अवध में प्रभु राम आये हैं।।
हमने सच-सच बात बताई,
अवध में भगवान आये हैं।।
सारी दुनियांँ में......
कोयल मीठे गीत सुनाये,
भंवरे गुन-गुन राम धुन गायें।
आयेंगे वहांँ पर देवता सारे,
सबके सब बस राम को निहारें।।
देखो! मयूर नाच नचाई,
सकल गुण निधान आये हैं।।
सारी दुनिया में ....
नदियांँ कल-कल शोर मचावें,
सागर उमड़-घुमड़ लहरावे।
प्रकृति की छटा निराली,
चहुंँ दिशि में फैली हरियाली।।
पर्वत रहा शीश नवायी,
अवध में मेरे राम आये हैं।।
सारी दुनिया में.....
कजरारे मेघा घिर आए,
चपला चमके शोर मचाये।
हर कोई है दर्शन का प्यासा,
हमको भी है दर्शन की आशा।।
सब देवों ने दुन्दुभी बजाई,
गुणों की वहांँ खान आये हैं।।
सारी दुनिया में.....
मम्मी झगड़े हैं पापा से,
राम दरस करूंँ अयोध्या जाके।
भगवांँ मुझको साड़ी ला दो,
भगवांँ पेटीकोट सिला दो।।
मुझे भगवांँ दो चूनर ओढ़ाई,
अवध में प्यारे राम आये हैं।।
सारी दुनिया में .....
शिव संग पार्वती भी आईं,
गणपति बप्पा, दुर्गा माईं।
राधा के संग, कान्हा आये,
संग गोपियांँ रास रचाएंँ।।
कान्हा मुरली मधुर बजाई,
अवध में घनश्याम आये हैं।।
सारी दुनिया में......
🙏🏻रचनाकार ✍️
सोमपाल सिंह प्रजापति "सोम"
(सहायक अध्यापक)
रा० उ० मा० वि० लखनपुर रामनगर
वि० ख०- काशीपुर, नैनीताल
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड


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