नारी का महत्व-श्रीमती अनिता नौडियाल

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद- टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती अनिता नौडियाल जी द्वारा रचित कविता-:


🙏🏻🕉️📝नारी का महत्व 


नन्हीं सी किलकारी वो,

सौभाग्य बनी घर की।

बनकर बहिना वो,

स्नेह भाई पर लुटाती।।

             

खिलखिलाती हंँसी ने,

दोस्त का भी रूप लिया।

पूर्ण समर्पण कर अर्द्धांगिनि, 

स्वरूप स्वीकार किया।।


ममता के सांँचे में ढल,

वो मांँ भी बनी।

कमर-कस संघर्ष रण में,

रही सदैव तनी।।


जिसके ममत्व ने,

सृष्टि का नव रूप लिया।

जिसके रक्त ने बंटकर,

नव जीवन जग को दिया।।


सृष्टि के आरम्भ से ही,

रही जो अस्तित्ववान।

है पूजनीय समाज में,

पाती सहृदय सम्मान।।



वो शक्तिस्वरूपा है,

नहीं अबला और विवश।

हर नारी को दें सम्मान,

मनाएंँ महिला दिवस।।


🙏रचना-:

अनिता नौडियाल (स०अ०) 

 रा० प्रा० वि० मैखण्डी मल्ली

 कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल।


🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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