माँ का आगमन- श्रीमती रेखा पुरोहित
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में नवरात्रि पावन पर्व के सुअवसर पर प्रस्तुत है आज जनपद- रुद्रप्रयाग गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती रेखा पुरोहित जी द्वारा रचित कविता-:
🙏🏻🕉️🙏🏻📝माँ का आगमन
आ गई नवरात्रि है,
सज गया दरबार माँ।
दुर्गा-दुर्गति-नाशिनी तू,
करती भव से पार माँ।
भक्ति भाव मन में लिए,
राह तेरी तकते हैं माँ।
चरण कमल से शोभा अब,
मेरे घर की बढ़ाओ माँ।।
चुनकर सुन्दर सुन्दर फूल,
घर को हमने सजाया माँ।
आ जाओ अब द्वार मेरे,
लगा तेरा दरबार माँ।।
धूप दीप नैवेद्य से,
तेरा स्वागत करेंगे माँ।
पूजन वन्दन आराधन,
मधुर भजन से करेंगे माँ।।
विधि पूजन की नहीं जानते,
हम सब हैं अज्ञानी माँ।
तू ही जननी है हमारी,
शरण पड़े हैं तेरी माँ।।
नव दिवस नवरात्रि के,
तेरा ही गुणगान माँ।
दुख विनाशनी हो तुम ही,
नैय्या पार लगाओ माँ।।
🙏🏻रचना - :
रेखा पुरोहित (स०अ०)
रा० प्रा० वि० सौंराखाल
वि ०ख०- जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड


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