गुरु की महिमा- श्रीमती अनिता काला
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है गुरु की महत्ता पर आधारित जनपद रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती अनिता काला जी द्वारा रचित कविता-:
🙏🏾🕉️🙏🏾✍️गुरु की महिमा
चौपाई छन्द
गुरु ब्रह्मा, विष्णु हैं हमारे,
गुरु शिव शंकर जैसे प्यारे।
गुरु जीवन का पाठ पढ़ाते,
सत पथ चलना ये सिखलाते।।
गुरु बिन ज्ञान नहीं मिल पाए,
गुरु बिन मानव भटका जाए।
गुरु पथ दर्शक भाग्य विधाता,
गहरा गुरु व शिष्य का नाता।।
गुरु शिक्षा की ज्योति जगाते,
ज्ञान पुंज गुरुवर कहलाते।
कभी क्रोध भी नहीं दिखाया,
आखर पढ़ना हमें सिखाया।।
गुरु की नित मैं महिमा गाऊॅं,
गुरु चरणों में शीश झुकाऊंँ।
गुरु प्रणाम मेरा स्वीकारो,
मेरे घर में कभी पधारो।।
मुझको मिला आपसे जो भी,
करूंँ दान मैं भी नित वो ही।
ज्ञान की राह मैं चल पाऊंँ,
नवल ज्ञान की ज्योति जलाऊंँ।।
🙏 रचना-:
अनिता काला (प्र०अ०)
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जुंटाई,
बच्छणस्यूंँ,
विकास खण्ड- अगस्त्यमुनि,
जनपद- रुद्रप्रयाग।
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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