हिन्दी का सम्मान- श्रीमती उषा गौड़

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है हिन्दी भाषा की महत्ता को बताते हुए जनपद- देहरादून से शिक्षिका बहिन श्रीमती उषा गौड़ जी द्वारा रचित कविता-:


🙏🏾✍️हिन्दी का सम्मान 


हिन्दी का विकास करके

स्वाभिमान अपना जगाएंँ।

मातृभाषा है यह हमारी,

पहचान इसकी जग से कराएंँ।।


हिन्दी को देकर के मान,

देना अन्तरराष्ट्रीय पहचान।

हिन्दी से है हमारी शान,

हिन्दी, हिन्द, हिन्दुस्तान।।


अंग्रेजी से न समझो शान,

हिन्दी है हमारी आन। 

भूलो ना यह बात तुम,

अंग्रेजी ने बनाया गुलाम।।



बस चौदह सितम्बर को ही नहीं,

हो हर पल, हर दिन इसका मान। 

पहचाने है धरती सारी,

राष्ट्रभाषा का करो सम्मान।।



है उस दूब की तरह हिन्दी,

लाख उखाड़ लो पर है जिद्दी।

उग आती जड़ें प्रस्फुटित,

हिन्दी सदा ही रहे पल्लवित।।


🙏रचना-: 

उषा गौड (स०अ०) 

रा० उ० प्रा० वि० डोईवाला

ब्लाक - डोईवाला, देहरादून


🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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