आजादी के मतवाले- श्रीमती पुष्पा बहुगुणा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में बलिदान दिवस के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद- टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती पुष्पा बहुगुणा जी द्वारा रचित कविता-:
🙏 ✍️आजादी के मतवाले
वीर भगत, सुखदेव, राजगुरु,
भारत माँ के थे उजियारे।
मातृभूमि की खातिर हँसकर,
प्राण लुटा गए थे न्यारे।।
न देखा जीवन का वसन्त,
ना कभी अपनी की परवाह।
इन्कलाब का गीत सुनाकर,
कर गए अमर यह वीर सिपाही।।
बम से नहीं, विचारों से लड़े,
हर दिल में क्रान्ति जगा गए।
फाँसी के फन्दे को चूमा,
मौत से भी जीत दिखा गए।।
भगत की आँधी थी ऐसी,
अंग्रेजों की सत्ता हिल गई।
सुखदेव की हुंँकार से देखो,
दुश्मन की जड़ें उखड़ गईं।।
राजगुरु की बन्दूक दहाड़े,
गूँज उठा रण का मैदान।
लौटे नहीं कदम कभी उनके,
ले लिया मातृभूमि का मान।।
23 मार्च वो काली रात,
जब भारत ने खो दिए लाल।
लेकिन वीरों की यह गाथा,
गूँजेगी हर पीढ़ी के साथ।।
जब-जब कोई जुल्म बढ़ेगा,
इन्कलाब का स्वर आएगा।
आजादी के इन मतवालों को,
भारत शत-शत शीश नवाएगा!!
"वंदे मातरम्! जय हिंद!!
🙏रचना-
पुष्पा बहुगुणा (प्र०अ०)
रा० उ० प्रा० स्कूल पिपोला (उठड़)
वि० ख०- जाखणीधार, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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