पर्यावरण बचाओ -श्रीमती अंजू शाह

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला,  हिम मन मन्थन में  "विश्व पर्यावरण दिवस" के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती अंजू शाह जी द्वारा रचित कविता-:




*🙏🏾✍️🌳पर्यावरण बचाओ*


आओ भैया, आओ बहना!

मिलकर पेड़ लगाना है। 

गली-गली में एक ही नारा,

अब पर्यावरण बचाना है।।


पेड़ों से ही जीवन है,

घर-घर अलख जगाना है।

पेड़ों की उपयोगिता को,

जन-जन को बताना है।।


हरी-भरी हो धरती हमारी,

महके सारी गली-गली।

पर्यावरण को स्वच्छ करें,

यह कहलवाएंँ गली-गली।।



पेड़-पौधे फल-सब्जी देते,

देते हमको ठण्डी छाया।

औषधियों से भरी हैं डाली,

देते सदा ही सुन्दर काया।।


एक पेड़ सौ पुत्र समान,

जो देते प्राण वायु दान।

जिनमें छुपे हैं राज बहुत,

औषधियों का जो है वरदान।।


आओ बहना, आओ भैया!

सबको पेड़ लगाना है। 

सुन्दर प्यारी इस धरती को,

अब हमको स्वर्ग बनाना।।


🙏 रचना:–

अंजू शाह (प्र०अ०)

रा० प्रा० वि० भाणाधार

वि० ख०-अगस्त्यमुनि 

जनपद- रुद्रप्रयाग



संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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