अमर शहीद श्रीदेव सुमन- श्रीमती पुष्पा बहुगुणा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी की पुण्यतिथि पर प्रस्तुत है, आज जनपद- टिहरी गढ़वाल से उन्हें श्रद्धाञ्जलि अर्पित करते हुए शिक्षिका बहिन श्रीमती पुष्पा बहुगुणा जी द्वारा रचित कविता-:
🙏 🕉️ 🙏 ✍️अमर शहीद "श्रीदेव सुमन"
जन-जन का स्वप्न सँजोए,
एक सिपाही सत्य का।
लड़ा अकेला पर्वत जैसा,
नाम था "सुमन" तप का।।
न मन डोला, न तन झुका,
भूख से भी न हार मानी।
लोकतन्त्र की रक्षा खातिर,
हँसते-हँसते दे दी जवानी।।
तिनका-तिनका जला बदन,
पर जोश कभी न मन्द हुआ।
जेल की दीवारों में भी,
दीपक-सा प्रखर चिरन्तन हुआ।।
राजशाही के रथ को रोका,
साहस से जो पथ दिखाया।
मरकर भी वो जगा गया है,
जोश नया हर दिल में लाया।।
श्रीदेव सुमन आज भी,
हर उत्तराखण्डी की शान हैं।
बलिदान की वह गाथा,
भारत माता की पहचान हैं।।
🙏रचना-:
पुष्पा बहुगुणा (प्र०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० पिपोला (उठड़)
विकास खण्ड- जाखणीधार
जिला- टिहरी गढ़वाल
*🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड*


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