धराली की करुण गाथा-श्रीमती अमिता कालरा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला, हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, धराली (उत्तरकाशी) प्राकृतिक आपदा से सन्दर्भित, जनपद- रुद्रप्रयाग (गढ़वाल)से शिक्षिका बहिन श्रीमती अमिता कालरा जी द्वारा रचित कविता-:
🙏 ✍️धराली की करुण गाथा
पर्वत की गोद में आलिंगित,
वह रमणीय धराली ग्राम,
जहाँ प्रातः वेला होती थी,
भक्ति भाव का धाम।।
जहाँ कल-कल करती थी,
खीर नदी की पावन धार।
आज वहीं गूँज उठी,
विपदा की पुकार।।
जहाँ बहती थी खीर-गंगा की,
अविरल निर्मल पावन धार।
वहाँ मनुष्य ने बाँध दिए,
पत्थर और दीवार।।
लालच ने रोक ली,
नदियों की राह पुरानी।
और उसी ने लिखी,
विनाश की नयी कहानी।।
अचानक गगन गरजा,
टूट पड़ा मेघों का घेरा।
क्षणभर में बह गया,
घर-खेत, सपनों का बसेरा।।
शैलखण्डों संग बही,
आशाओं की रेखाएँ।।
क्रन्दन में डूब गईं,
स्मृतियों की पुरानी गाथाएँ।।
जब जल-राशि उमड़ी,
मुखवा ग्राम से स्वर गुंंजाए,
शिखरों से संकेत देकर,
चाह थी जनजीवन बचाएंँ।।
पर खीर गंगा की गर्जन थी,
इतनी भयंकर विकराल।
कि वह आह्वान भी डूब गया,
जल के प्रचण्ड काल।।
वनदेव के प्रहरी वृक्ष,
जड़ों सहित हो गए निर्वासित,
स्नेहिल पथ अब मृत्तिका में,
हो गए विलुप्त व निष्प्राणित।।
मातृ-कक्ष से बिछुड़ा शिशु,
नयनों में प्रश्न अपार—
“क्यों! हर ली प्रभु मेरी,
हर प्रभात और बहार?”
खीर नदी के किनारे, जहाँ था,
कल्पकेदार मन्दिर महान,
पाण्डवों द्वारा स्थापित,
पूजित, श्रद्धा का प्रमाण।।
वह भी जलमग्न हुआ,
लहरों में समा गया।
शताब्दियों का इतिहास,
एक क्षण में मिटा गया।।
पर यह केवल प्रकृति का,
कोप मात्र न था।
मानव के लोभ का भी,
इसमें स्वरूप छिपा था।।
हरित वनों का हरण,
पावन नदियों का अपमान।
गिरि-शिखरों पर बरसा,
विनाश का तूफान।।
किन्तु धराली की धरती है,
पुनः सृजन की परिभाषा।।
हर अश्रु बनेगा पुनः,
नव-प्रभा की अभिलाषा।।
नवांकुर फिर अंकुरित होंगे,
खीर नदी पुनः गुनगुनाएगी।
गृह-द्वारों पर दीप शिखा पुनः,
प्रज्वलित हो आएगी।।
धराली ने अश्रु बहाए,
किन्तु धैर्य न खोया।
उसकी शिराओं में,
गंगा का तेज संजोया।।
वह फिर उठेगी,
वह फिर खिलेगी।
पर स्मरण रहे—यदि मानव,
पुनः प्रकृति से प्रमाद रचाएगा।
तो प्रकृति का कोप,
फिर विध्वंस मचाएगा।।
✍️ रचना -:
अमिता कालरा (प्र०अ०)
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मुन्नादेवल,
ब्लाॅक- जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

A poignant note for the ones who lost their loved ones!!
जवाब देंहटाएंNice post
जवाब देंहटाएं