श्रीकृष्ण चरित- श्रीमती मंजुलता

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला "हिम मन मन्थन" में श्री राधाष्टमी पावन पर्व पर  प्रस्तुत है, आज  जनपद-चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती मंजुलता जी द्वारा रचित  कविता-:


🙏🏾✍️श्री कृष्ण चरित


छोटा सा है कृष्णा मेरा,

काम हैं इनके बड़े निराले।

श्याम वर्ण का कृष्ण है मेरा,

सबके मन को खूब है भाये।।


आधी रात में जन्म लिया,

देवकी जी ने जन्म दिया।

वसुदेव जी हैं इनके बाबा 

नन्द व यशोदा के लाला।।


राधा के संग खेले होली,

गोपियों के संग झूमे।

ग्वालों के संग गाय चराते,

कहलाये तब ग्वाले।।


कई नामों से जाने जाते,

सबके मन को हैं भाये।

कृष्ण, श्याम, नन्द लाला, गोपाला,

माखन चोर, वंशीधर कहलाये।।



मुरली बजावे रास रचाये,

राधा जी के मन को भाये।

नटखट कृष्णा कितना सलोना,

सबके मन को है खूब रिझाये।।


मैया यशोदा जी के लला,

नन्द बाबा के लाल हो।

सांँवले वंशीधर तुम,

जग में सबसे प्यारे हो।।


🙏 ✍️ रचना-

मंजुलता (स०अ०)

रा० उ० प्रा० वि० बौंला 

वि० ख०- कर्णप्रयाग, चमोली




🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी