जवाहर लाल नेहरू- श्रीमती सुशीला थपलियाल
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला "हिम मन मन्थन" में बाल दिवस पावन पर्व के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है, आज जनपद रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती सुशीला थपलियाल जी द्वारा रचित कविता-:
🙏✍️जवाहर लाल नेहरू
मोती लाल नेहरू जी के घर,
एक विभूति ने जन्म लिया।
पिता के सानिध्य में उनका
नाम जवाहर लाल पडा़।।
14 नबम्बर 1889 में,
इलाहाबाद में पैदा हुए।
बच्चों के अति प्रिय थे वो,
चाचा नेहरू कहे जाने लगे।।
स्वाधीनता की मांँग हेतु,
1929 में तिरंगा फैराया।
आगे चलकर इस विभूति ने,
भारत का मान बढ़ाया।।
1942 से 1946 तक,
उनको कारावास मिला।
वहाँ पर रहकर भी तुमने
कई रचनाओं को जन्म दिया।।
गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के सूत्रधार,
भारत की खोज के रचनाकार।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने,
स्वतन्त्रता का स्वप्न किया साकार।।
माता स्वरूपरानी थी उनकी,
पत्नी कमला नेहरू जी।
पुत्री रत्न इन्दिरा जी को पाया,
जो प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी।।
🙏रचना-:
सुशीला थपलियाल (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० पपड़ासू
विकास खण्ड- जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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